
गोरखपुर, 29 जुलाई । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई के कार्यकर्ता वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। वे विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितता एवं शुल्क वृद्धि को लेकर लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की दशा और दिशा को बदलने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विश्व विद्यालय प्रशासन और कुलपति के तानाशाही रवैये ने अभाविप के 18 कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया है। गोरक्ष प्रांत के संगठन मंत्री हरिदेव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा है कि छात्रों को विश्वविद्यालय से निष्कासित करके विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनसे शिक्षा के अधिकार को छीनने का प्रयास किया है। यह किसी भी स्तर पर न्यायोचित नहीं है। कोई भी वैचारिक मंतव्य विश्वविद्यालय प्रशासन के निष्कासन सम्बन्धी निर्णय के पक्ष में नहीं आ रहा है। परिषद के इन कार्यकर्ताओं के निष्कासन से विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और अपने निर्णय को तत्काल वापस लेना चाहिए। अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि अभाविप शुल्क वृद्धि में कमी तथा कार्यकर्ताओं के निष्कासन संबंधी आदेशों को वापस लेने तक विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध संघर्ष करती रहेगी।

